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हमने सोंचा न था।

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shared Mar 14 in Poem by Himanshu8844
हमने सोचा न था यूं चले जाओगे।
ज़िन्दगी की पहर में यूं छोड़ जाओगे।
याद आता है तेरा वो हसना हसाना,
गलती करने पर वो तेरा मुस्कुराना।

याद आते है वो दिन तेरे पास के ,
अब अधूरे हैं हम तेरे साथ के।

हमने सोचा न था यूं चले जाओगे।
ज़िन्दगी की पहर में यूं छोड़ जाओगे।


अब भी तेरा मेरे ख्वाबो पे डेरा,
अब होता नहीं वो पहले सा सवेरा।
क्या कामे रह गयी थी मेरे प्यार में,
इतनी ताकत थी क्या उस तकरार में,
जो उसने चीन लिया मुझसे मेरे यार को।

हमने सोचा न था यूं चले जाओगे।
ज़िन्दगी की पहर में यूं छोड़ जाओगे।



तेरा यादों में आना और आके सतना,
तुम नहीं हो मेरी यह फिर से जाताना।
तेरा वो दिन की कहानी बताना,
तेरे मुख से सुनना वो प्यारा नज़राना।
याद आता है तेरा वो हसना हसाना,
गलती करने पर वो तेरा मुस्कुराना।

बहुत इबादतों शिद्दतो से माँगा था तुम्हे,
तुम्हे पाने की आस लगाए बैठे थे...जान कर भी की माँगा हुआ मिला नहीं हमें..
जिस खुदा के लिए इज़्ज़त बढ़ी थी देख कर तुम्हे..
तुम्हे न पाने पर आज उसी खुदा से बैर है हमें।।।।

हमने सोचा न था यूं चले जाओगे।
ज़िन्दगी की पहर में यूं छोड़ जाओगे।
commented Mar 15 by Ritika gusaiwal
Beautiful......
Bhut hi pyara
commented Mar 17 by Priya Batra
loved it....superb

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