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चल कुछ दूर और साथ चलते हैं

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shared Apr 18 in Shayari by TheQuill
चल कुछ दूर और साथ चलते हैं
कुछ कदम रेत पर गाढ़े हो जायेंगे
कुछ पल तेरे मेरे अपने हो जायेंगे
कोई बात ही सही पर कुछ बात तो करते हैं खिलखिलाकर मेरी बातो पर तेरा वो मुस्कुराना

वो समुन्दर की लहरो को देखना , पानी में पैर छपछपआना
फिर उन पतंगों की डोर साथ में पकड़ते हैं
 चल कुछ दूर और साथ चलते हैं

उन सर्द हवाओ में कांपना और करीब आजाना
कभी फिर सूखी पत्तियो पर चलना ,उनका चड चडाना
 उस टेड़े मेढे रस्ते पर चल फिरसे गिरते- सम्हलते हैं
चल कुछ दूर और साथ चलते हैं
commented Apr 20 by Ritika gusaiwal
very beautifully penned mam :):):)
realllyy nice and beautiful...
commented Apr 20 by TheQuill
m glad you liked it...
Thanks for the kind words... :)

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