Welcome to YoAlfaaz, the best platform for writers to Share their write-ups. Get maximum exposure, interact with top writers, gain and share knowledge and create your online presence as a writer. You can start by Registering here. For any query visist F.A.Q.

UnDiReCtIoNaL

+2 votes
10 views
shared Apr 20 in Shayari by Anil Sharma
ना मज़िल का पता है ना रस्तों की ख़बर है
ख़ुदा ही जाने मैं कहां जा रहा हूं
मैं तो बस चले जा रहा हूं

ना साथी है कोई, ना संग ही है कोई
ना चाह है कोई, ना उमंग ही है कोई
जिस वक्त ने मुझे बरबाद किया
उस वक्त को बरबाद किये जा रहा हूं
मैं तो बस चले जा रहा हूं
मैं तो बस चले जा रहा हूं.......
commented Apr 21 by Ritika gusaiwal
unique....
and nice
commented Apr 21 by Anil Sharma
ThNk you ma'am

No related posts found

Connect with us:
...