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इस दिल के जो भी सताये हुये हैं
इश्क ने निकम्मे बनाये हुये हैं

रांझे-मजनू के हश्र से जो ना सोते थे रातों में
इस इश्क ने वो भी कायलुल्ले बनाये हुये हैं

उस दिन से इबादत करता हूं रोज़ाना
जब से ख़ुदा तुम को बनाये हुये हैं

ख्वाहमखा ही दुनिया ने हमें क़ाफिर कह छोडा
मेरा मन्दिर तू, पूजा तू,देवता भी तुम को बनाये हुये हैं

ख़ामोश लबों से सुख दुख भी सांझे किये थे कभी
यूं उसके होठों से हमने होठ अपने मिलाये हुये हैं

ना समझो सेज गुलों की ये है कांटों का बिस्तर
उसकी ज़ुल्फों में स्याह रातें बिताये हुये हैं

खुली बाहों को देख के यूं ना मचलना
इश्क के गुलशन में कांटे भी पाये गये हैं

यहीं सब फरेब, यही बे-वफाई
तेरी महफ़िल के धोखे भी खाये हुये हैं

दिल में ग़म, आंखों में आंसू, लबों पे हंसी
यूंही दर्द-ए-दिल "अनिल" अपना छूपाये हुये हैं

क्यूं नही दिखता मुझे आज फिर क़ातिल मेरा
इश्क में मिटने को कब से सर झुकाये हुये है

ना ख़ंज़र चलेगा ना तलवार हम पे
तेरे बाज़ू मेरे आज़माये हुये हैं

(Last one inspired from Mr. Nadir Ludhianavi.....)



Word meaning

कायलुल्ले=who takes Nap in day time or daydreamer
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thatss amazing....
impressive....
imaginative
loving...
love it !!! sir
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Good people see good things everywhere.... So Thanx a lot for appreciating my thoughts.
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I am impressed... superb lines... :)
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Thanx Gurjyot Paa Ji....
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जबरजस्त भैया जी
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Thanks Brother
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