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पंजाबी:

घुट घुट बिरहों दे मैं भरके - साह बहिश्ती चले जाना;
लाके सिर ते कबरां दी मिटटी - शगन हंजा दा है मनाना;

कबरां तीक बच्या है जिन्ना - वी सफ़र मेरी ज़िन्दगी दा;
द्वार तेरे दी करके परीकरमा - दम तेरे ही दर ते मुकाना;

टीस दित्ती है जिन्नी वी गहरी - बंद रहेगी मेरे दिल विच;
दफ़न है जो दिल दी कबर विच - नाल मेरे बहिश्ती जाना;

अजब किस्मत इशके दी लिखती - रात इक न वसल दी मिलदी;
हर जनम मिलदा हीर नू रोना - ते रांझे नु कण पद्वाना;

मुमकिन है 'मजबूर' तो बाद'च - भावे दिल तेरा कोई दूजा;
डउबया है जो अज्ज नू सूरज - कल नवां परत है आना;

हिंदी

घुट घुट बिरहे के मैंने भरके - सांस जन्नत को चले जाना;
लगा के सर पे कबरों की मिटटी - शगन आंसू का है मनाना;

कबरों तक बचा है जितना भी - ये सफ़र मेरी ज़िन्दगी का;
द्वार तेरे की करके परिक्रमा - दम तेरे ही दर पे बुझाना;

दर्द दी मुझे जितनी भी गहरी - बंद रहेगी मेरे इस दिल में;
दफ़न है जो दिल की कबर में - साथ मेरे जन्नत को जाना;

अजब किस्मत इश्क की लिखते - रात इक ना वस्ल की मिलती;
हर जनम मिलता हीर को रोना - और रांझे को कान छिद्वाना;

मुमकिन है 'मजबूर' के बाद भी - भाये दिल तेरा कोई दूजा;
आज जो डूबा है सूरज फलक से - कल नया मुड़कर है आना;

गौरव मजबूर
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loved it brother... :)
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thank u........

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