Welcome to YoAlfaaz, it's your personal online diary and a writer’s community to Share Your Feelings in words. Write, learn, socialise, get feedback, get exposure and improve reputation by being active on YoAlfaaz.  You can start by Registering here. For any query visist F.A.Q.
+4 votes
49 views
shared in Poem by
तेरेे और मेरे मोहब्‍बत करने में फर्क बहोत है,

तेरा मुझे छोडने में, और

मेरा तुझे ना पाने में फर्क बहोत है......

माना क‍ि इजहार क‍िया तुमने और बताया मुझे,

पर छोड कर जाना और ना बताने में फर्क बहोत है.....

तेरे और मेरे मोहब्‍बत करने में फर्क बहोत है............

उन सावन के सुहाने द‍िनों में, तुम्‍हारी सहेलियों के मजाक में,

और मेरे पतझड क‍ि बयार में, मेरे दोस्‍तो के सम्‍भालने में फर्क बहोत है

तेरे और मेरे मोहब्‍बत करने में फर्क बहोत है......

लगातार...........
commented by
wahh wahh kya bat hai
JANAB !!!
commented by
शुक्रिया

Related posts

Connect with us:
...