Welcome to YoAlfaaz, it's your personal online diary and a writer’s community to Share Your Feelings in words. Write, learn, socialise, get feedback, get exposure and improve reputation by being active on YoAlfaaz.  You can start by Registering here. For any query visist F.A.Q.
+1 vote
10 views
shared in Memoir by

कहने को तो ये सारा जहां प्यारा है

पर दौलत की खातिर ए दोस्तों

भाई ने ही भाई को खंजर मारा है

कहने को तो ये सारा जहां प्यारा है

होती है यहां मुहब्बत भी दौलत से

नहीं होता है कामयाब इंसान कभी

तो ये कहता है ये घर हमारा है

कहने को तो ये सारा जहां प्यारा है

यहां की हर गलियों में फिरता है 

एक भूखा बच्चा भी

ना जाने क्यूं लगता आवारा है

कहने को तो ये सारा जहां प्यारा है

बिकती है इज्जत हर बाज़ार में यहां

और ना यहां औरत को कोई सहारा है

कहने को तो ये सारा जहां प्यारा है

एक कमी है इस दुनिया में 

यहां ना कोई किसी किसी का सहारा है

मां बाप पालते हैं औलादों को अपनी

बड़े होते ही बच्चे कर लेते किनारा हैं

कहने को तो ये सारा जहां प्यारा है

नहीं बनती है यहां सास बहू में आज भी

समझती है सास क्यों दूसरे की बेटी को दुसवारा है

फिर भी देखो ये सारा जहां प्यारा है

आओ मिटाएं इन परम पराओं को हम

जहां होता अत्याचार है 

क्यूंकि देखो ये सारा जहां हमारा है

इसीलिए तो ये सारा जहां भी प्यारा है

commented by
Really really great
Nice lines, rhymes, composition, word selection everything is nice

Related posts

+5 votes
0 replies 30 views
+5 votes
0 replies 24 views
+4 votes
0 replies 28 views
+4 votes
0 replies 12 views
+2 votes
0 replies 31 views
+5 votes
0 replies 28 views
+5 votes
0 replies 23 views
+3 votes
0 replies 26 views
shared Apr 24, 2017 in Short Story by sonuyadav
+4 votes
0 replies 37 views
+3 votes
0 replies 19 views
shared Feb 18, 2017 in Poem by Pranayee Gupta
Connect with us:
...