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ना कर बुराई तू किसी के मजहब की

तू भी तो किसी मजहब का होगा

इंसानियत को मार दिया है कुछ लोगों ने

क्या उनका तो कोई इमां ना होगा

ईश्वर है एक समझो ए दुनिया वालों 

उसके बिना हमारा कोई वजूद ना होगा

करने को करलो कितने भी सितम

हर सितम का वहां हिसाब होगा

कहते हैं कुछ उसको अल्लाह

कुछ उसको कहते हैं भगवान

मरने के बाद हमारे उसका एक ही नाम होगा

ना होगा वहां कोई हिन्दू

ना कोई मुसलमान होगा

कर लिया है जो बटवारा इस जमीन का

वहां ना कोई सरहद है ना कोई इंसान होगा

करते हैं कुछ लोग यहां भारत पाकिस्तान

वहां ना कोई भारत ना कोई पाकिस्तान होगा

खड़े होंगे सब साथ वहां 

वहां ना कोई बेटा ना किसी का बाप होगा

करेगा इंसान जो भी कर्म यहां 

वहां तो सिर्फ उसका इंसाफ होगा

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